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सपने सच होते है।

सपने सच होते है। क्या सपने सच होते है। देखने वालो पे निर्भर करता है। सपने तो सभी देखते है।पर अपने सपनों के लिए जो सब कुछ छोड़ने के लिए तैयार होते है।उनके सपने जरूर पूरे होते है। यहां हर इंसान कोई न कोई सपना सजाए बैठा है।पर आपने सपनों पे काम करने के लिए तैयार नहीं। जरूरत है आपने सपनों पे मर मिटने के लिए। अगर तैयार है। आप तो आप के सपने पूरे होने से से कोई नहीं रोक सकता। जिंदगी सबको मौका देती हर रोज देती है।कोई सवार जाता है कोई बिखर जाता है।मौका सबको बराबर का मिलता है। फैसला आप को लेना है ।सवार जाना है।या बिखर जाना है। मुश्किलें हर मोड़ पे आती है।मुश्किलों से डरना नहीं है ।भागना नहीं ।मुश्किलों का सामना करना है। साफला आप के क़दमों में होगी। सपने अगर सच नहीं हो रहे तो रास्ते बदलो। सिद्धांत नहीं। क्योंकि पेड़ आपने पत्ते बदलते है जड़े नहीं। इंसान बहुत जल्दी हार मान लेता है।यही उसके सपनों के पूरा होने के रास्ते का बड़ा कारण है। जरा सी मुश्किल क्या आती है। इंसान घबरा जाता है।सब कुछ छोड़ के बैठ जाता है। क्या पता चंद कदम पे सपने पूरे हो सकते थे।पर वह आपनी डर की वजह से घबरा के वापिस बैठ जाता है। ...

ब्रह्माण्ड की उत्पति

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति कैसे हुई है? एक  सवाल हमेशा से मानव मस्तिष्क में घूम रहा है।मानव इस सवाल को ले कर काफी उत्साहित होता है।पर आज तक इसके बारे में कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आ सके। हमारे समाज मे दो मत है। पहला मत जो है। हमारे पूर्वजों के द्वारा बना है। जैसे बेद पुराण कथा आदि है।  हमारेे पूर्वज बहुत ही। बुद्धिमान थे। उनकी खोज को  सही साबित हमारा विज्ञान कर रहा हैं।पर जब बात ब्रह्माण्ड की उत्पति की आती है।तो मतभेद हो जाता हैं। विज्ञान और शास्त्र में अलग अलग मत  है। ब्रह्माण्ड की उत्पति पे शास्त्र के मत  हमारे शास्त्र अनेक है। हर शास्त्र किसी न किसी देवी देवता के केंद्र में लिखे गए है। हर शास्त्र के नायक अलग अलग है। इस वजह से इसमें आपस में मत भेद है। जैसे -  शिव पुराण के नायक  शिव जी है। शिव  पुराण में  कहा  गया  है।  की  ब्रम्हाांड  की  उत्पति शिव जी ने की है। शिव  जी की द्वारा सबकी  रचना की गई है ।ऎसे  ही विष्णणु  पुराण के नायक विष्णु जी है। हमारे यहां  बहुत धर्म  ग्रंथ  है। हर ...

तू ही है। तेरा

अपने जीवन में हम बहुत लोगो से मिलते है।कभी कभी किसी से इतना जुड़ जाते है।हमे लगता है।मेरे लिए वहीं सब कुछ है।ऐसा आप को लगता पर क्या कभी आप ने सोचा उसे क्या लगता है।हो सकता है उसे कोई और सब कुछ लगता हो।पर इससे कोई मतलब नहीं हमे लगता जो वो सब ठीक ही है।हम सबकी आदत हो गई है।अपने आप से दूर भागने की हमे तो दूसरे में सुकून नजर आता है ।पास जाने पे पता चलता अरे नहीं ये तो दुख दे रहा है।हमारी आशाएं सब मिट्टी में मिल जाती है।याद हमको आपनी आती नहीं ।सरा सुकून खुद में है।हम संसार में दुड़ने चले जाते है।जब वापिस आते है। रोते हुए।हमारे महापुरषों ने कहा है।जिस तरह रेगिस्तान में पानी का भ्रम हो जाता है।और प्याशा पानी के पिछे पिछे भगता अंत में मार जाता है।उसी तरह संसार में हमे सुख का भ्रम होता है।और हम भागने लगते है।अंत में कुछ नहीं हाथ आता बस पश्चाताप करना पड़ता है। भगवान शिव ने कहा - जेसे भोर का सपना होता है ।उसी तरह संसार है।सपने की सत्यता सपने में लगती है।पर जागने पर पता चलता है।कुछ नहीं।सपने में आप राजा बन जाइए।महल हो शेना हो।नोकर चाकर हो।पर जागते ही सब गायब कहा गया।अगर वह सत्य था।तो नहीं जाना चाह...

सोचो मगर आपने लिए

सोचना किसे अच्छा नहीं लगता।आज हर इंसान कुछ न कुछ सोचता रहता है।पर दुर्भद्य की बात ये है।की वह आपने बारे में कम दूसरो के बारे में ज्यादा सोचता है।आज इसी के कारण समाज की दुर्दशा हो रही है।ये इंसान कब समझे गा।की अपना बिकाश पहले जरूरी है।एक कड़का दूसरे कड़के की क्या सहायता कर सकता है। सर्वप्रथम हमको अपना कल्याण करना होगा।ये बात पक्के से समझना चाहिए। हमने देखा है।लोगो को अपने जीवन के बेहतरीन पल दूसरो के बारे में सोचते देखा है।वह उस पल क्या नहीं कर सकते थे।पर उनोन आपने जीवन के बेहतरीन पल बर्बाद कर दिए।और चिंता अलग पाल ली।जीवन का स्त्यानाश तो किया साथ में शरीर का भी ख्याल नहीं आया। बहुत जल्दी बूढ़े हो गए। अंत में समशान यात्रा की । ऐसे जीवन से क्या फायदा।जब समय था। आपने बारे में सोचने का तो दूसरो के बारे में सोचा।अंत में पश्चाताप करना पड़ा।जीवन आप का खुशहाल होगा।तब आप की वजह से कितनो का जीवन खुशहाल होगा।ये बात आप समझते क्यों नहीं है।मै आप से बात कर रहा हूं।आप अपने बारे में विचार करे। आप कोन है।आप का अस्तिव क्या है।क्यों आप ने जन्म लिया है।जब आप विचार करेंगे। तब आप पाएंगे। की हमे तो कुछ नहीं मा...

तू एहसास तो कर

एहसास अगर हो जाए ।तो आपने आप में खुशी खोज लोगे। बरना संसार की खाक छानते रहा जाओगे।आप एहसास तो करो।आप में क्या नहीं है।खुशी है प्यार आप में दया है।सब कुछ तो है। बस आप एहसास नहीं करते हो। और भतक रहे हो।आपने उपर दुख चिंता की गठरी लादे ।परेशान होना छोड़ दे।तेरा कुछ बूरा नहीं हो सतकता।तेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।तू क्यों परेशान है।तू एक बार आपने आप में देख तू क्या है। तू महान से भी महान है।तू वही है।तू आपने स्वभाव में जाग। जब तक तुझे एहसास नहीं होगा।तबतक तेरे दुख दूर नहीं होगे।बचा ले आपनी जिंदगी। कहने का मतलब ये है।की आप आपने जिंदगी के मालिक हो।आप आपने अनुसार आपनी जिन्दगी में जो चाहे पा सकते है।आप अपने अनुसार जिंदगी जी सकते है।खुशियां आप के हाथ की बात है।सफलता आप की गुलाम है।आप क्या हो आपको ये जानना ही होगा।गुलामी की जिदंगी से अच्छा मार जाना बेहतर है।और जब हम आपनी बेवकूफी से गुलाम बने हो तो कहना क्या।बचपन से लोगो ने बहुत कुछ बताया।बहुत कुछ शिखाया हम मानते चले गए।आप जरा सोचो आप का क्या है।संसार से ही मिला है।जो कुछ मिला है।अरे आप का नाम भी जो मिला है।किसी दूसरे ने दिया है।इसका मतलब आप का...

क्या जिन्दगी में दुख भोगने के लिए आए हो।

हमें जो जीवन मिला है।हम उसके साथ क्या कर रहे है।जीवन में खुशी का नामो निशान तक नहीं नजर आ रहा है।अगर कुछ आ रहा है। तो बस निराशा दर्द ।कब तक येसे जिन्दगी जिएंगे।आपने आप को जबतक आप नहीं जाने गे। तबक दुख दर्द आपका पीछा नहीं छोड़ने बाले।आप कोंन है।क्या है ।कहा से आए है। बचपन में हमारे पास इससे बहुत सवाल थे।पर समय के शाथ हमने अपने आप को तो समझा लिया। पर दुख परेशानियों से पीछा क्येशे छुड़ाएंगे। अब समय है।हमें सही दिशा में काम करने का।बाहरी दुनिया के माया जाल में आप आ चुके है।अब इससे बाहर निकाला मुश्किल हो रहा है।और दुख दर्द बड़ते ही जा रहा है।हमारे समाज में आदि काल से संत महापुरुष हुए।जो इसी तकलीफ का रास्ता निकालते आए है।हमें उससे शिख के आपने जीवन को सफल बनाना होगा।सत्य ही हमारे जीवन को सुंदर  और प्रभावी बना सकता है।बिना सत्य को जाने हम कुछ नहीं है।समाज में लालच कुट कुट के भरा है।लोग लेना जानते है।मगर मिलता किसी को भी नहीं है। कारण देने वाला कोई तो हो।आप से आमिर कोई भी नहीं है।ना हो सकता है।पर आप को आपने आप का ज्ञान ही नहीं है।दुख इसी बात का है। कोई बताने वाला नहीं है।और जो बताया गया वह...